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mahabharat 7.183.17: संजय! मेरे सैनिकों ने युद्धस्थल में द्रोणाचार्य को मारने के इच्छुक अर्जुन और भीमसेन पर किस प्रकार आक्रमण किया? यह मुझे बताओ॥ 17॥   |   mahabharat अध्याय 7.183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण  »  श्लोक 17
 
 
श्लोक  7.183.17 
भारद्वाजं जिघांसन्तौ सव्यसाचिवृकोदरौ।
समार्च्छन् मामका युद्धे कथं संजय शंस मे॥ १७॥
 
 
अनुवाद
संजय! मेरे सैनिकों ने युद्धस्थल में द्रोणाचार्य को मारने के इच्छुक अर्जुन और भीमसेन पर किस प्रकार आक्रमण किया? यह मुझे बताओ॥ 17॥
 
Sanjaya! How did my soldiers attack Arjuna and Bhimasena on the battlefield who wanted to kill Dronacharya? Tell me this.॥ 17॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)