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mahabharat 7.183.12: अब मुझे वर्णन करो कि घटोत्कच के मारे जाने के बाद कौरवों और पाण्डवों में पुनः युद्ध किस प्रकार आरम्भ हुआ ॥12॥   |   mahabharat अध्याय 7.183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 183: धृतराष्ट्रका पश्चात्ताप, संजयका उत्तर एवं राजा युधिष्ठिरका शोक और भगवान् श्रीकृष्ण तथा महर्षि व्यासद्वारा उसका निवारण  »  श्लोक 12
 
 
श्लोक  7.183.12 
भूय एव तु मे शंस यथा युद्धमवर्तत।
कुरूणां पाण्डवानां च हैडिम्बे निहते तदा॥ १२॥
 
 
अनुवाद
अब मुझे वर्णन करो कि घटोत्कच के मारे जाने के बाद कौरवों और पाण्डवों में पुनः युद्ध किस प्रकार आरम्भ हुआ ॥12॥
 
Now describe to me how the war between the Kauravas and the Pandavas began again after Ghatotkacha was killed. ॥12॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)