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mahabharat 7.182.42: हे शिनिवंश के प्रमुख! वह शक्ति घटोत्कच पर छोड़ी गई थी। आज उसे देखकर मुझे विश्वास हो गया है कि अर्जुन मृत्यु के पंजे से छूट गया है ॥ 42॥   |   mahabharat अध्याय 7.182: कर्णने अर्जुनपर शक्ति क्यों नहीं छोड़ी, इसके उत्तरमें संजयका धृतराष्ट्रसे और श्रीकृष्णका सात्यकिसे रहस्ययुक्त कथन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.182.42 
घटोत्कचे व्यंसितां तु दृष्ट्वा तां शिनिपुङ्गव।
मृत्योरास्यान्तरान्मुक्तं पश्याम्यद्य धनंजयम्॥ ४२॥
 
 
अनुवाद
हे शिनिवंश के प्रमुख! वह शक्ति घटोत्कच पर छोड़ी गई थी। आज उसे देखकर मुझे विश्वास हो गया है कि अर्जुन मृत्यु के पंजे से छूट गया है ॥ 42॥
 
O head of the Shinivas! That power was released on Ghatotkacha. Seeing this today I believe that Arjun has come out from the clutches of death. ॥ 42॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)