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श्लोक  7.182.30 
अन्यांश्चास्मै रथोदारानुपास्थापयदच्युत:।
अमोघां तां कथं शक्तिं मोघां कुर्यामिति प्रभो॥ ३०॥
 
 
अनुवाद
हे प्रभु! भगवान श्रीकृष्ण, जो अपना तेज कभी नहीं खोते, कर्ण के पास अन्य कुशल योद्धाओं को भेजते थे ताकि किसी प्रकार उस अमोघ शक्ति को निष्फल कर सकें।
 
O Lord! Lord Krishna, who never loses His glory, used to send other expert warriors to Karna so that He could somehow make that infallible power useless.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)