vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 182: कर्णने अर्जुनपर शक्ति क्यों नहीं छोड़ी, इसके उत्तरमें संजयका धृतराष्ट्रसे और श्रीकृष्णका सात्यकिसे रहस्ययुक्त कथन
»
श्लोक 29
श्लोक
7.182.29
अर्जुनं चापि राधेयात् सदा रक्षति केशव:।
न ह्येनमैच्छत् प्रमुखे सौते: स्थापयितुं रणे॥ २९॥
अनुवाद
भगवान कृष्ण ने हमेशा अर्जुन को राधानंदन कर्ण से बचाया। वे कभी नहीं चाहते थे कि अर्जुन युद्धभूमि में सूतपुत्र कर्ण के विरुद्ध लड़े।
Lord Krishna always protected Arjun from Radhanandan Karna. He never wished to pit Arjun against Karna, the son of Suta, in the battlefield.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×