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mahabharat 7.182.27: नरेन्द्र! यदि यदुकुल और पाण्डवों को आनन्द पहुँचाने वाले महात्मा श्रीकृष्ण उस शक्ति से मारे जाते और युद्धभूमि में सो जाते, तो पर्वत, समुद्र और वनों सहित सम्पूर्ण पृथ्वी तुम्हारे अधीन हो जाती॥27॥   |   mahabharat अध्याय 7.182: कर्णने अर्जुनपर शक्ति क्यों नहीं छोड़ी, इसके उत्तरमें संजयका धृतराष्ट्रसे और श्रीकृष्णका सात्यकिसे रहस्ययुक्त कथन   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 182: कर्णने अर्जुनपर शक्ति क्यों नहीं छोड़ी, इसके उत्तरमें संजयका धृतराष्ट्रसे और श्रीकृष्णका सात्यकिसे रहस्ययुक्त कथन  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.182.27 
यदि हि स निहत: शयीत भूमौ
यदुकुलपाण्डवनन्दनो महात्मा।
ननु तव वसुधा नरेन्द्र सर्वा
सगिरिसमुद्रवना वशं व्रजेत॥ २७॥
 
 
अनुवाद
नरेन्द्र! यदि यदुकुल और पाण्डवों को आनन्द पहुँचाने वाले महात्मा श्रीकृष्ण उस शक्ति से मारे जाते और युद्धभूमि में सो जाते, तो पर्वत, समुद्र और वनों सहित सम्पूर्ण पृथ्वी तुम्हारे अधीन हो जाती॥27॥
 
Narendra! If Mahatma Shri Krishna, who brought joy to the Yadu clan and the Pandavas, was killed by that power and fell asleep on the battlefield, then the entire earth including mountains, seas and forests would have come under your control. 27॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)