श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 182: कर्णने अर्जुनपर शक्ति क्यों नहीं छोड़ी, इसके उत्तरमें संजयका धृतराष्ट्रसे और श्रीकृष्णका सात्यकिसे रहस्ययुक्त कथन  »  श्लोक 13
 
 
श्लोक  7.182.13 
तदैव कृतकार्या हि वयं स्याम कुरूद्वह।
न रक्षेद् यदि कृष्णस्तं पार्थं कर्णान्महारथात्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
कुरुश्रेष्ठ! यदि श्रीकृष्ण ने महारथी कर्ण से कुन्तीकुमार अर्जुन की रक्षा न की होती, तो हम उसी क्षण मारे जाते॥13॥
 
Kurushrestha! If Shri Krishna had not protected Kuntikumar Arjun from the great warrior Karna, we would have been killed at that very moment. 13॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)