vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 181: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको जरासंध आदि धर्मद्रोहियोंके वध करनेका कारण बताना
»
श्लोक 4
श्लोक
7.181.4
ते हि वीरा महेष्वासा: कृतास्त्रा दृढयोधिन:।
धार्तराष्ट्रां चमूं कृत्स्नां रक्षेयुरमरा इव॥ ४॥
अनुवाद
वह वीर महान धनुर्धर, अस्त्र-शस्त्रों का ज्ञाता और दृढ़ निश्चयी योद्धा था; इसलिए वह देवताओं के समान दुर्योधन की सम्पूर्ण सेना की रक्षा कर सका॥4॥
He was a brave great archer, knowledgeable in weapons and a determined warrior; Therefore, he could protect Duryodhana's entire army like gods. 4॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×