श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 181: भगवान् श्रीकृष्णका अर्जुनको जरासंध आदि धर्मद्रोहियोंके वध करनेका कारण बताना  »  श्लोक 24-25h
 
 
श्लोक  7.181.24-25h 
हतस्तथैव मायावी हैडिम्बेनाप्यलायुध:॥ २४॥
हैडिम्बश्चाप्युपायेन शक्त्या कर्णेन घातित:।
 
 
अनुवाद
मायावी अलायुध को घटोत्कच ने मार डाला है और मैंने छल करके कर्ण की शक्ति से घटोत्कच को मरवा दिया है।
 
The illusive Alayudha has been killed by Ghatotkacha and I, by using a trick, got Ghatotkacha killed by the power used by Karna. 24 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)