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mahabharat 7.180.9: शत्रुदमन! यदि यह कोई रहस्य न हो, तो कृपया मुझे बताइए। मधुसूदन! आज आपके हर्ष के प्रदर्शन से हम लोग अपना धैर्य खो रहे हैं, अतः कृपया इसका कारण बताइए।॥9॥   |   mahabharat अध्याय 7.180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.180.9 
यद्येतन्न रहस्यं ते वक्तुमर्हस्यरिंदम।
धैर्यस्य वैकृतं ब्रूहि त्वमद्य मधुसूदन॥ ९॥
 
 
अनुवाद
शत्रुदमन! यदि यह कोई रहस्य न हो, तो कृपया मुझे बताइए। मधुसूदन! आज आपके हर्ष के प्रदर्शन से हम लोग अपना धैर्य खो रहे हैं, अतः कृपया इसका कारण बताइए।॥9॥
 
Shatrudaman! If it is not a secret, then please tell me. Madhusudan! Today we are losing our patience because of your display of joy, so please tell us the reason for this.॥ 9॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)