Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.180.8: परन्तु जनार्दन! आपके इतने प्रसन्न होने का कोई छोटा-मोटा कारण तो होगा ही। यही मैं आपसे पूछ रहा हूँ। हे सत्यनिष्ठों में श्रेष्ठ प्रभु! कृपया मुझे इसका वास्तविक कारण बताइए।॥8॥ | mahabharat अध्याय 7.180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
नैतत्कारणमल्पं हि भविष्यति जनार्दन।
तदद्य शंस मे पृष्ट: सत्यं सत्यवतां वर॥ ८॥
अनुवाद
परन्तु जनार्दन! आपके इतने प्रसन्न होने का कोई छोटा-मोटा कारण तो होगा ही। यही मैं आपसे पूछ रहा हूँ। हे सत्यनिष्ठों में श्रेष्ठ प्रभु! कृपया मुझे इसका वास्तविक कारण बताइए।॥8॥
‘But Janardan! There must be no small reason for you being so happy. That is what I am asking you. O Lord, the best of truth-tellers! Please tell me the real reason for this.॥ 8॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥