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mahabharat 7.180.6: मधुसूदन! आज हम लोग हिडिम्बपुत्र घटोत्कच के वध से शोकग्रस्त हैं, किन्तु आप इस असमय अवसर पर भी अत्यन्त प्रसन्न हैं।   |   mahabharat अध्याय 7.180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.180.6 
अतिहर्षोऽयमस्थाने तवाद्य मधुसूदन।
शोकस्थाने तु सम्प्राप्ते हैडिम्बस्य वधेन तु॥ ६॥
 
 
अनुवाद
मधुसूदन! आज हम लोग हिडिम्बपुत्र घटोत्कच के वध से शोकग्रस्त हैं, किन्तु आप इस असमय अवसर पर भी अत्यन्त प्रसन्न हैं।
 
Madhusudana! Today we are grieved by the killing of Ghatotkacha, the son of Hidimba, but you are overjoyed at this inopportune moment.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)