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mahabharat 7.180.5: राजन! भगवान श्रीकृष्ण को अत्यन्त प्रसन्न जानकर महाबली अर्जुन कुछ अप्रसन्न होकर बोले-॥5॥   |   mahabharat अध्याय 7.180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  7.180.5 
प्रहृष्टमनसं ज्ञात्वा वासुदेवं महाबल:।
अर्जुनोऽथाब्रवीद् राजन्नातिहृष्टमना इव॥ ५॥
 
 
अनुवाद
राजन! भगवान श्रीकृष्ण को अत्यन्त प्रसन्न जानकर महाबली अर्जुन कुछ अप्रसन्न होकर बोले-॥5॥
 
King! Knowing that Lord Krishna was very happy, the mighty Arjuna spoke somewhat displeasedly -॥ 5॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)