Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.180.33: इनके अतिरिक्त हिडिम्ब, किर्मीर और बक आदि राक्षसराज, शत्रुसेनाओं का नाश करने वाला अलायुध तथा भयंकर कर्म करने वाला घटोत्कच भी आपके हित के लिए मारे गए हैं। | mahabharat अध्याय 7.180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इनके अतिरिक्त हिडिम्ब, किर्मीर और बक आदि राक्षसराज, शत्रुसेनाओं का नाश करने वाला अलायुध तथा भयंकर कर्म करने वाला घटोत्कच भी आपके हित के लिए मारे गए हैं।
Besides these, other kings of demons like Hidimba, Kirmir and Bak, Alayudh who destroyed the enemy forces and Ghatotkacha who was a swift warrior and performed dreadful deeds, have also been killed and got killed for your benefit.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि घटोत्कचवधपर्वणि रात्रियुद्धे घटोत्कचवधे श्रीकृष्णहर्षेऽशीत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १८०॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत घटोत्कचवधपर्वमें रात्रियुद्धके समय घटोत्कचका वध होनेपर श्रीकृष्णका हर्षविषयक एक सौ अस्सीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १८०॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥