Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.180.10: ‘जनार्दन! जैसे समुद्र का सूख जाना और मेरु पर्वत का हिलना आश्चर्य की बात है, उसी प्रकार आज आपके द्वारा हर्ष प्रकट करने के कृत्य को भी मैं आश्चर्य की बात मानता हूँ।’॥10॥ | mahabharat अध्याय 7.180: घटोत्कचके वधसे पाण्डवोंका शोक तथा श्रीकृष्णकी प्रसन्नता और उसका कारण । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
‘जनार्दन! जैसे समुद्र का सूख जाना और मेरु पर्वत का हिलना आश्चर्य की बात है, उसी प्रकार आज आपके द्वारा हर्ष प्रकट करने के कृत्य को भी मैं आश्चर्य की बात मानता हूँ।’॥10॥
‘Janardan! Just as the drying up of the ocean and the shaking of Mount Meru are surprising, in the same way today I consider your act of expressing joy to be surprising.'॥ 10॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥