Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.18.30: त्रिगर्त राजा के वचन सुनकर वे सभी वीर पुरुष बार-बार गर्जना करने लगे और शंख बजाने लगे, तथा एक-दूसरे को हर्ष और उत्साह से भर देने लगे। | mahabharat अध्याय 7.18: संशप्तक-सेनाओंके साथ अर्जुनका युद्ध और सुधन्वाका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवमुक्तास्तु ते राजन्नुदक्रोशन् मुहुर्मुहु:।
शङ्खांश्च दध्मिरे वीरा हर्षयन्त: परस्परम्॥ ३०॥
अनुवाद
त्रिगर्त राजा के वचन सुनकर वे सभी वीर पुरुष बार-बार गर्जना करने लगे और शंख बजाने लगे, तथा एक-दूसरे को हर्ष और उत्साह से भर देने लगे।
King! At the words of the Trigarta King, all those brave men began to roar repeatedly and blow their conches, filling each other with joy and enthusiasm.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥