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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 18: संशप्तक-सेनाओंके साथ अर्जुनका युद्ध और सुधन्वाका वध  »  श्लोक 27
 
 
श्लोक  7.18.27 
ततस्त्रिगर्तराट् क्रुद्धस्तानुवाच महारथान्।
अलं द्रुतेन व: शूरा न भयं कर्तुमर्हथ॥ २७॥
 
 
अनुवाद
तब त्रिगर्तराज ने क्रोध में भरकर अपने पराक्रमी योद्धाओं से कहा, 'वीर योद्धाओं! भागने से कोई लाभ नहीं है। डरो मत।'
 
Then the Trigartaraj, filled with anger, said to his mighty warriors, 'Valiant warriors! There is no use in running away. Do not be afraid.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)