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mahabharat 7.18.15: तत्पश्चात्, अत्यन्त कुपित होकर संशप्तकों ने पुनः श्रीकृष्णसहित अर्जुन को तीखे बाणों से उसी प्रकार भरना आरम्भ कर दिया, जैसे बादल वर्षा से सरोवर को भर देते हैं॥15॥   |   mahabharat अध्याय 7.18: संशप्तक-सेनाओंके साथ अर्जुनका युद्ध और सुधन्वाका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 18: संशप्तक-सेनाओंके साथ अर्जुनका युद्ध और सुधन्वाका वध  »  श्लोक 15
 
 
श्लोक  7.18.15 
भूय एव तु संक्रुद्धास्त्वर्जुनं सहकेशवम्।
आपूरयन् शरैस्तीक्ष्णैस्तडागमिव वृष्टिभि:॥ १५॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात्, अत्यन्त कुपित होकर संशप्तकों ने पुनः श्रीकृष्णसहित अर्जुन को तीखे बाणों से उसी प्रकार भरना आरम्भ कर दिया, जैसे बादल वर्षा से सरोवर को भर देते हैं॥15॥
 
Thereafter, the Samshaptakas, being very enraged, once again began to fill Arjuna along with Shri Krishna with sharp arrows, in the same manner as clouds fill a lake with rain. ॥15॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)