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mahabharat 7.18.14: हे राजन! तब उन योद्धाओं ने अर्जुन को पाँच-पाँच बाणों से घायल कर दिया और वीर अर्जुन ने भी तुरन्त ही प्रत्युत्तर में उन सबको दो-दो बाणों से घायल कर दिया॥14॥   |   mahabharat अध्याय 7.18: संशप्तक-सेनाओंके साथ अर्जुनका युद्ध और सुधन्वाका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 18: संशप्तक-सेनाओंके साथ अर्जुनका युद्ध और सुधन्वाका वध  »  श्लोक 14
 
 
श्लोक  7.18.14 
एकैकस्तु तत: पार्थं राजन् विव्याध पञ्चभि:।
स च तान् प्रतिविव्याध द्वाभ्यां द्वाभ्यां पराक्रमी॥ १४॥
 
 
अनुवाद
हे राजन! तब उन योद्धाओं ने अर्जुन को पाँच-पाँच बाणों से घायल कर दिया और वीर अर्जुन ने भी तुरन्त ही प्रत्युत्तर में उन सबको दो-दो बाणों से घायल कर दिया॥14॥
 
O King! Then each of those warriors pierced Arjuna with five arrows each, and the valiant Arjuna also retaliated instantly by wounding them all with two arrows each.॥ 14॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)