श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 179: घटोत्कचका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा चलायी हुई इन्द्रप्रदत्त शक्तिसे उसका वध  »  श्लोक 36
 
 
श्लोक  7.179.36 
तैराहतास्ते शरशक्तिशूलै-
र्गदाभिरुग्रै: परिघैश्च दीप्तै:।
वज्रै: पिनाकैरशनिप्रहारै:
शतघ्निचक्रैर्मथिताश्च पेतु:॥ ३६॥
 
 
अनुवाद
उन निशाचरों के द्वारा बरसाए गए बाणों, शक्ति, शूल, गदा, अग्निमय वलय, वज्र, पिनाक, बिजली, शतघ्नी और चक्र आदि अस्त्रों के प्रहारों से कुचले हुए कौरव योद्धा पृथ्वी पर गिरकर मरणासन्न होने लगे॥36॥
 
The Kaurava warriors, trampled by the blows of the arrows, Shakti, spike, mace, fiery flaming ring, thunderbolt, Pinaka, lightning, Shataghni and Chakra etc. weapons showered by those nocturnes, started falling on the earth, dying. 36॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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