श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 179: घटोत्कचका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा चलायी हुई इन्द्रप्रदत्त शक्तिसे उसका वध  »  श्लोक 20
 
 
श्लोक  7.179.20 
धृतराष्ट्र उवाच
तस्मिन्नन्तर्हिते तूर्णं कूटयोधिनि राक्षसे।
मामकै: प्रतिपन्नं यत् तन्ममाचक्ष्व संजय॥ २०॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! यह बताओ कि जब माया से युद्ध करने वाला वह राक्षस अचानक अदृश्य हो गया, तब मेरे पुत्रों ने क्या सोचा और क्या किया?॥ 20॥
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! Tell me, what did my sons think and do when that demon fighting with illusion suddenly disappeared?॥ 20॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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