श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 179: घटोत्कचका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा चलायी हुई इन्द्रप्रदत्त शक्तिसे उसका वध  »  श्लोक 19
 
 
श्लोक  7.179.19 
तेनास्त्रेणावधीत् तस्य रथं सहयसारथिम्।
विरथश्चापि हैडिम्बि: क्षिप्रमन्तरधीयत॥ १९॥
 
 
अनुवाद
उस अस्त्र से उसने घटोत्कच के रथ को घोड़े और सारथि सहित नष्ट कर दिया। रथहीन होकर घटोत्कच शीघ्र ही वहाँ से अदृश्य हो गया॥19॥
 
With that weapon he destroyed Ghatotkacha's chariot along with its horse and charioteer. Left without a chariot, Ghatotkacha soon disappeared from there.॥ 19॥
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