श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 179: घटोत्कचका घोर युद्ध तथा कर्णके द्वारा चलायी हुई इन्द्रप्रदत्त शक्तिसे उसका वध  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.179.1 
संजय उवाच
निहत्यालायुधं रक्ष: प्रहृष्टात्मा घटोत्कच:।
ननाद विविधान् नादान् वाहिन्या: प्रमुखे तव॥ १॥
 
 
अनुवाद
संजय बोले: हे राजन! अलायुध नामक राक्षस को मारकर घटोत्कच बहुत प्रसन्न हुआ और आपकी सेना के सामने खड़ा होकर नाना प्रकार से गर्जना करने लगा।
 
Sanjaya said: O King! After killing the demon Alayudha, Ghatotkacha was very pleased and standing in front of your army, he started roaring in various ways.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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