vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Apps
About
Contact
श्री महाभारत
»
पर्व 7: द्रोण पर्व
»
अध्याय 178: दोनों सेनाओंमें परस्पर घोर युद्ध और घटोत्कचके द्वारा अलायुधका वध एवं दुर्योधनका पश्चात्ताप
»
श्लोक 4
श्लोक
7.178.4
स वार्ष्णेयवच: श्रुत्वा कर्णमुत्सृज्य वीर्यवान्।
युयुधे राक्षसेन्द्रेण वकभ्रात्रा घटोत्कच:॥ ४॥
अनुवाद
भगवान कृष्ण के ये वचन सुनकर वीर योद्धा घटोत्कच कर्ण को छोड़कर वाक् के भाई राक्षसराज अलायुध से युद्ध करने लगा।
Upon hearing these words of Lord Krishna, the valiant warrior Ghatotkacha left Karna and started fighting with Vak's brother, the demon king Alayudha.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
About Us
|
Contact Us
|
Privacy Policy
|
Connect Form
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×