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mahabharat 7.178.4: भगवान कृष्ण के ये वचन सुनकर वीर योद्धा घटोत्कच कर्ण को छोड़कर वाक् के भाई राक्षसराज अलायुध से युद्ध करने लगा।   |   mahabharat अध्याय 7.178: दोनों सेनाओंमें परस्पर घोर युद्ध और घटोत्कचके द्वारा अलायुधका वध एवं दुर्योधनका पश्चात्ताप   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.178.4 
स वार्ष्णेयवच: श्रुत्वा कर्णमुत्सृज्य वीर्यवान्।
युयुधे राक्षसेन्द्रेण वकभ्रात्रा घटोत्कच:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
भगवान कृष्ण के ये वचन सुनकर वीर योद्धा घटोत्कच कर्ण को छोड़कर वाक् के भाई राक्षसराज अलायुध से युद्ध करने लगा।
 
Upon hearing these words of Lord Krishna, the valiant warrior Ghatotkacha left Karna and started fighting with Vak's brother, the demon king Alayudha.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)