Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.178.39: इससे राजा दुर्योधन ने यह मान लिया कि अलायुध अवश्य ही भीमसेन को मार डालेगा और ऐसा सोचकर उसने यह भी समझ लिया कि उसके भाइयों का जीवन चिरकाल तक बना रहेगा ॥39॥ | mahabharat अध्याय 7.178: दोनों सेनाओंमें परस्पर घोर युद्ध और घटोत्कचके द्वारा अलायुधका वध एवं दुर्योधनका पश्चात्ताप । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ध्रुवं स तेन हन्तव्य इत्यमन्यत पार्थिव:।
जीवितं चिरकालं हि भ्रातॄणां चाप्यमन्यत॥ ३९॥
अनुवाद
इससे राजा दुर्योधन ने यह मान लिया कि अलायुध अवश्य ही भीमसेन को मार डालेगा और ऐसा सोचकर उसने यह भी समझ लिया कि उसके भाइयों का जीवन चिरकाल तक बना रहेगा ॥39॥
Due to this, King Duryodhana assumed that Alayudha would certainly kill Bhimasena and thinking this, he also realized that the life of his brothers would be eternal. ॥ 39॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥