श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 178: दोनों सेनाओंमें परस्पर घोर युद्ध और घटोत्कचके द्वारा अलायुधका वध एवं दुर्योधनका पश्चात्ताप  »  श्लोक 22-26
 
 
श्लोक  7.178.22-26 
ततो नानाप्रहरणैरन्योन्यमभिवर्षताम्।
आयसै: परिघै: शूलैर्गदामुसलमुद्‍गरै:॥ २२॥
पिनाकै: करवालैश्च तोमरप्रासकम्पनै:।
नाराचैर्निशितैर्भल्लै: शरैश्चक्रै: परश्वघै:।
अयोगुडैर्भिन्दिपालैर्गोशीर्षोलूखलैरपि॥ २३॥
उत्पाटितैर्महाशाखैर्विविधैर्जगतीरुहै:।
शमीपीलुकदम्बैश्च चम्पकैश्चैव भारत॥ २४॥
इङ्गुदैर्बदरीभिश्च कोविदारैश्च पुष्पितै:।
पलाशैश्चारिमेदैश्च प्लक्षन्यग्रोधपिप्पलै:॥ २५॥
महद्भि: समरे तस्मिन्नन्योन्यमभिजघ्नतु:।
विपुलै: पर्वताग्रैश्च नानाधातुभिराचितै:॥ २६॥
 
 
अनुवाद
भरत! तत्पश्चात् वे एक-दूसरे पर नाना प्रकार के अस्त्र-शस्त्रों की वर्षा करने लगे। वे उस महायुद्ध में लोहे के चक्र, भाले, गदा, मूसल, गदा, पिनाक, तलवार, तोमर, प्रास, कपान, तीखे बाण, बरछे, चक्र, कुल्हाड़ी, लोहे के गोले, भिण्डीपाल, गोशीर्ष, उलूखल, नाना प्रकार के उखड़े हुए बड़े-बड़े शाखाओं वाले वृक्षों- शमी, पीलू, कदम्ब, चंपा, इंगुद, बेर, पूर्ण विकसित कोविदर, पलाश, अरिमेध, बड़ा पक्कड़, बरगद और पीपल से एक-दूसरे पर आक्रमण करने लगे। वे नाना प्रकार की धातुओं से मढ़े हुए विशाल पर्वत शिखरों से भी एक-दूसरे पर आक्रमण करने लगे।
 
Bharata! Thereafter they started showering various types of weapons on each other. They started attacking each other in that great war with iron circles, spears, maces, pestles, clubs, pinakas, swords, tomaras, prasas, kapanas, sharp arrows, javelins, discuses, axes, iron bullets, bhindipalas, goshirshas, ​​ulukhals, various types of uprooted trees with large branches- shami, pilu, kadamba, champa, ingud, ber, full grown kovidara, palash, arimeda, large pakkad, banyan and peepal. They also attacked each other with huge mountain peaks covered with various types of metals.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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