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mahabharat 7.178.19: राक्षस की विशाल माया को देखकर राक्षस वंश के हिडिम्बा पुत्र घटोत्कच ने उड़कर अपनी माया से उस माया को नष्ट कर दिया।   |   mahabharat अध्याय 7.178: दोनों सेनाओंमें परस्पर घोर युद्ध और घटोत्कचके द्वारा अलायुधका वध एवं दुर्योधनका पश्चात्ताप   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.178.19 
तां प्रेक्ष्य महतीं मायां राक्षसो राक्षसस्य च।
ऊर्ध्वमुत्पत्य हैडिम्बिस्तां मायां माययावधीत्॥ १९॥
 
 
अनुवाद
राक्षस की विशाल माया को देखकर राक्षस वंश के हिडिम्बा पुत्र घटोत्कच ने उड़कर अपनी माया से उस माया को नष्ट कर दिया।
 
Seeing the huge illusion of the demon, Ghatotkacha, son of Hidimba, of the demon race, flew up and destroyed the illusion with his illusion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)