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mahabharat 7.178.13: उस प्रहार से भीमसेन का पुत्र घटोत्कच मूर्छित हो गया, किन्तु उस महाबली योद्धा ने पुनः अपना धैर्य पुनः प्राप्त कर लिया।   |   mahabharat अध्याय 7.178: दोनों सेनाओंमें परस्पर घोर युद्ध और घटोत्कचके द्वारा अलायुधका वध एवं दुर्योधनका पश्चात्ताप   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  7.178.13 
स तु तेन प्रहारेण भैमसेनिर्महाबल:।
ईषन्मूर्च्छितमात्मानमस्तम्भयत वीर्यवान्॥ १३॥
 
 
अनुवाद
उस प्रहार से भीमसेन का पुत्र घटोत्कच मूर्छित हो गया, किन्तु उस महाबली योद्धा ने पुनः अपना धैर्य पुनः प्राप्त कर लिया।
 
Due to that attack, Ghatotkacha, son of Bhimasena, fainted. But that mighty and valiant warrior regained his composure.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)