Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.177.31-32h: उन राक्षसों से अत्यन्त पीड़ित होकर पांचाल और संजयवंशी क्षत्रिय अपने घोड़ों और बड़े-बड़े हाथियों सहित शान्ति नहीं पा सके। | mahabharat अध्याय 7.177: भीमसेन और अलायुधका घोर युद्ध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पञ्चाला: सृञ्जयाश्चैव वाजिन: परमद्विपा:॥ ३१॥
न शान्तिं लेभिरे तत्र राक्षसैर्भृशपीडिता:।
अनुवाद
उन राक्षसों से अत्यन्त पीड़ित होकर पांचाल और संजयवंशी क्षत्रिय अपने घोड़ों और बड़े-बड़े हाथियों सहित शान्ति नहीं पा सके।
Being greatly tormented by those demons, the Panchala and Sanjayavanshi Kshatriyas along with their horses and large elephants could not find peace. 31 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥