Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.176.22: तदनन्तर पाण्डव पक्ष के महाबली, वीर योद्धा राजा, कवच और ढाल से सुसज्जित होकर, हर्ष और उत्साह में भरकर, उस राक्षस के साथ सब ओर से युद्ध करने लगे। | mahabharat अध्याय 7.176: अलायुधका युद्धस्थलमें प्रवेश तथा उसके स्वरूप और रथ आदिका वर्णन । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तदनन्तर पाण्डव पक्ष के महाबली, वीर योद्धा राजा, कवच और ढाल से सुसज्जित होकर, हर्ष और उत्साह में भरकर, उस राक्षस के साथ सब ओर से युद्ध करने लगे।
Then, the mighty, valiant warrior king of the Pandava side, equipped with armour and shield, filled with joy and enthusiasm, began fighting with the demon from all sides.
इति श्रीमहाभारते द्रोणपर्वणि घटोत्कचवधपर्वणि रात्रियुद्धेऽलायुधयुद्धे षट्सप्तत्यधिकशततमोऽध्याय:॥ १७६॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत द्रोणपर्वके अन्तर्गत घटोत्कचवधपर्वमें रात्रियुद्धके प्रसंगमें अलायुधयुद्धविषयक एक सौ छिहत्तरवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ १७६॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥