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mahabharat 7.175.98: कर्ण ने अपना विशाल धनुष नीचे रखा और उछलकर तीर हाथ में लिया; फिर उसने घटोत्कच पर तीर चलाया। घटोत्कच तुरन्त रथ से नीचे कूद पड़ा।   |   mahabharat अध्याय 7.175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम  »  श्लोक 98
 
 
श्लोक  7.175.98 
तामवप्लुत्य जग्राह कर्णो न्यस्य महद् धनु:।
चिक्षेप चैनां तस्यैव स्यन्दनात् सोऽवपुप्लुवे॥ ९८॥
 
 
अनुवाद
कर्ण ने अपना विशाल धनुष नीचे रखा और उछलकर तीर हाथ में लिया; फिर उसने घटोत्कच पर तीर चलाया। घटोत्कच तुरन्त रथ से नीचे कूद पड़ा।
 
Karna put down his huge bow and jumped up and caught the arrow in his hand; then he shot it at Ghatotkacha. Ghatotkacha immediately jumped off the chariot.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)