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श्री महाभारत
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पर्व 7: द्रोण पर्व
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अध्याय 175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम
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श्लोक 86
श्लोक
7.175.86
तत: कर्णो महाराज प्रेषयामास सायकान्।
सुवर्णपुङ्खाञ्छत्रुघ्नान् खेचरान् राक्षसान् प्रति॥ ८६॥
अनुवाद
महाराज! तत्पश्चात् कर्ण ने उन दिव्य राक्षसों पर निशाना साधकर सुवर्णमय पंखवाले बहुत से शत्रुनाशक बाण छोड़े ॥86॥
Maharaj! Thereafter, Karna fired many enemy-killing arrows with golden feathers aimed at those celestial demons. 86॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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