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mahabharat 7.175.83: तत्पश्चात् घटोत्कचन ने पाँच बाणों से कर्ण को घायल करके भयंकर गर्जना की, जिससे समस्त राजा भयभीत हो गए।   |   mahabharat अध्याय 7.175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम  »  श्लोक 83
 
 
श्लोक  7.175.83 
घटोत्कचस्तत: कर्णं विद्‍ध्वा पञ्चभिराशुगै:।
ननाद भैरवं नादं भीषयन् सर्वपार्थिवान्॥ ८३॥
 
 
अनुवाद
तत्पश्चात् घटोत्कचन ने पाँच बाणों से कर्ण को घायल करके भयंकर गर्जना की, जिससे समस्त राजा भयभीत हो गए।
 
Thereafter Ghatotkachane, having pierced Karna with five arrows, roared terribly, frightening all the kings. 83
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)