Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.175.75-76h: उस दिव्य अस्त्र से विमुख हुआ वह पर्वतराज क्षण भर में अदृश्य हो गया और पुनः आकाश में इन्द्रधनुष युक्त काले बादल के रूप में प्रकट होकर महाभयंकर राक्षस सारथिपुत्र कर्ण पर पत्थरों की वर्षा करने लगा। | mahabharat अध्याय 7.175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
उस दिव्य अस्त्र से विमुख हुआ वह पर्वतराज क्षण भर में अदृश्य हो गया और पुनः आकाश में इन्द्रधनुष युक्त काले बादल के रूप में प्रकट होकर महाभयंकर राक्षस सारथिपुत्र कर्ण पर पत्थरों की वर्षा करने लगा।
That mountain king thrown away by that divine weapon disappeared in a moment and once again appeared as a black cloud with a rainbow in the sky and started raining stones on Karna, the son of a charioteer, who was a terrible demon.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥