Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.175.72-73h: वह एक विशाल, ऊँचा पर्वत बन गया, जो वृक्षों के झुरमुटों और हरी-भरी चोटियों से सुशोभित था। उसमें से जल के सोते की तरह भाले, बरछी, तलवारें और मूसल जैसे अस्त्र-शस्त्रों का स्रोत बहने लगा। 72 1/2 | mahabharat अध्याय 7.175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह एक विशाल, ऊँचा पर्वत बन गया, जो वृक्षों के झुरमुटों और हरी-भरी चोटियों से सुशोभित था। उसमें से जल के सोते की तरह भाले, बरछी, तलवारें और मूसल जैसे अस्त्र-शस्त्रों का स्रोत बहने लगा। 72 1/2
It became a huge, tall mountain adorned with groves of trees and with lush green peaks. From it, like a spring of water, began flowing a source of weapons such as spears, lances, swords and pestles. 72 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥