Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.175.36-37h: जो समस्त प्राणियों का संहार करने वाला और मृत्यु का भयंकर दण्ड धारण करने वाला है, उसके समान विशाल धनुष लेकर यमराज के समान उसे आते देख वहाँ उपस्थित सभी राजा व्याकुल हो गए ॥36 1/2॥ | mahabharat अध्याय 7.175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तमुद्यतमहाचापं दृष्ट्वा ते व्यथिता नृपा:॥ ३६॥
भूतान्तकमिवायान्तं कालदण्डोग्रधारिणम्।
अनुवाद
जो समस्त प्राणियों का संहार करने वाला और मृत्यु का भयंकर दण्ड धारण करने वाला है, उसके समान विशाल धनुष लेकर यमराज के समान उसे आते देख वहाँ उपस्थित सभी राजा व्याकुल हो गए ॥36 1/2॥
All the kings present there were distressed to see him approaching with a huge bow like Yamaraja, who is the killer of all creatures and holds the dreadful rod of death. ॥ 36 1/2॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥