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संछिन्दन्तौ च गात्राणि संदधानौ च सायकान्॥ २८॥
दहन्तौ च शरोल्काभिर्दुष्प्रेक्ष्यौ च बभूवतु:।
अनुवाद
वे अपने बाणों से एक-दूसरे के शरीर के अंगों को छेदते और एक-दूसरे को अपने बाणों से जलाते थे। इस कारण उन्हें देखना बहुत कठिन था।
They used their arrows to pierce each other's body parts and burn each other with their arrows. Because of this, it was very difficult to look at them.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥