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mahabharat 7.175.27-28h: जैसे दो सिंह एक दूसरे पर अपने नखों से और दो बड़े हाथी एक दूसरे पर अपने दांतों से आक्रमण करते हैं, उसी प्रकार वे दोनों योद्धा अपने रथों और बाणों से एक दूसरे को घायल करने लगे।   |   mahabharat अध्याय 7.175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम  »  श्लोक 27-28h
 
 
श्लोक  7.175.27-28h 
तौ नखैरिव शार्दूलौ दन्तैरिव महाद्विपौ॥ २७॥
रथशक्तिभिरन्योन्यं विशिखैश्च ततक्षतु:।
 
 
अनुवाद
जैसे दो सिंह एक दूसरे पर अपने नखों से और दो बड़े हाथी एक दूसरे पर अपने दांतों से आक्रमण करते हैं, उसी प्रकार वे दोनों योद्धा अपने रथों और बाणों से एक दूसरे को घायल करने लगे।
 
Just as two lions attack each other with their claws and two great elephants attack each other with their teeth, similarly the two warriors began wounding each other with their chariots and arrows. 27 1/2
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)