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श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  7.175.12-13h 
सर्वायुधवरोपेतमास्थितो ध्वजशालिनम्॥ १२॥
अष्टचक्रसमायुक्तं मेघगम्भीरनि:स्वनम्।
 
 
अनुवाद
उस पर सभी प्रकार के उत्तम अस्त्र-शस्त्र रखे हुए थे। उसके आठ पहिये थे और चलते समय उसका रथ बादलों की गर्जना के समान गम्भीर ध्वनि उत्पन्न करता था। एक विशाल ध्वज रथ की शोभा बढ़ा रहा था। उस पर घटोत्कच सवार था।
 
All types of best weapons were kept on it. It had eight wheels and while moving the chariot made a deep sound like the roar of the clouds. A huge flag was adding to the beauty of the chariot. Ghatotkacha was riding on it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)