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mahabharat 7.175.113: घोड़े पूर्णतया घायल हो गए और उनकी पीठ बाणों से फट गई, जिससे वे राक्षस के सामने ही पृथ्वी पर गिर पड़े ॥113॥   |   mahabharat अध्याय 7.175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम  »  श्लोक 113
 
 
श्लोक  7.175.113 
ते भग्ना विक्षताङ्गाश्च भिन्नपृष्ठाश्च सायकै:।
वसुधामन्वपद्यन्त पश्यतस्तस्य रक्षस:॥ ११३॥
 
 
अनुवाद
घोड़े पूर्णतया घायल हो गए और उनकी पीठ बाणों से फट गई, जिससे वे राक्षस के सामने ही पृथ्वी पर गिर पड़े ॥113॥
 
The horses were completely wounded and their backs were torn by the arrows. So, they fell down on the earth right in front of the demon. ॥ 113॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)