श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 175: घटोत्कच और उसके रथ आदिके स्वरूपका वर्णन तथा कर्ण और घटोत्कचका घोर संग्राम  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  7.175.1 
धृतराष्ट्र उवाच
यत्तद् वैकर्तन: कर्णो राक्षसश्च घटोत्कच:।
निशीथे समसज्जेतां तद् युद्धमभवत् कथम्॥ १॥
 
 
अनुवाद
धृतराष्ट्र ने पूछा - संजय! सूर्यपुत्र कर्ण और राक्षस घटोत्कच, जो आधी रात को आपस में लड़ रहे थे, उनका युद्ध किस प्रकार हुआ?॥1॥
 
Dhritarashtra asked - Sanjay! How did the battle between the son of Sun, Karna, and the demon Ghatotkacha, who were fighting with each other at midnight, take place?॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)