Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.174.43-44: जब तक मैं कर्ण को न मार डालूँ, तब तक तुम यहीं सुखपूर्वक खड़े रहो।’ ऐसा कहकर हे नरसिंह, घटोत्कच क्रोध में भरकर रणक्षेत्र के मुहाने पर कर्ण पर तीखे बाणों की वर्षा करता हुआ चला गया। | mahabharat अध्याय 7.174: घटोत्कच और जटासुरके पुत्र अलम्बुषका घोर युद्ध तथा अलम्बुषका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जब तक मैं कर्ण को न मार डालूँ, तब तक तुम यहीं सुखपूर्वक खड़े रहो।’ ऐसा कहकर हे नरसिंह, घटोत्कच क्रोध में भरकर रणक्षेत्र के मुहाने पर कर्ण पर तीखे बाणों की वर्षा करता हुआ चला गया।
You remain standing here happily till I kill Karna.' Saying so, O lord of men, Ghatotkacha filled with rage went towards Karna at the mouth of the battlements, showering showers of sharp arrows on him.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥