Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.174.38-40: रक्त से भीगे हुए उस सिर के बालों को पकड़कर महाबाहु घटोत्कच दुर्योधन के रथ की ओर चला और उसके निकट आने पर मुस्कराता हुआ उस भयानक मुख और बालों वाले सिर को अपने रथ पर फेंक दिया और वर्षा ऋतु में मेघ के समान भयंकर गर्जना करने लगा। | mahabharat अध्याय 7.174: घटोत्कच और जटासुरके पुत्र अलम्बुषका घोर युद्ध तथा अलम्बुषका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
रक्त से भीगे हुए उस सिर के बालों को पकड़कर महाबाहु घटोत्कच दुर्योधन के रथ की ओर चला और उसके निकट आने पर मुस्कराता हुआ उस भयानक मुख और बालों वाले सिर को अपने रथ पर फेंक दिया और वर्षा ऋतु में मेघ के समान भयंकर गर्जना करने लगा।
Grabbing hold of the hair of that head soaked in blood, the mighty-armed demon Ghatotkacha walked towards Duryodhana's chariot and, smiling, when he came near him, he threw that head with a hideous face and hair on his chariot and roared terribly like a cloud during the rainy season.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥