Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 7.174.24: तत्पश्चात् भीमसेन के पुत्र घटोत्कच ने शत्रु समूहों का नाश करने वाली अंगूठी के समान अपनी मोटी भुजा की मुट्ठी से जटासुर के पुत्र को मार डाला॥24॥ | mahabharat अध्याय 7.174: घटोत्कच और जटासुरके पुत्र अलम्बुषका घोर युद्ध तथा अलम्बुषका वध । mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
तत: स परिघाभेन द्विट्संघघ्नेन बाहुना।
जाटासुरिं भैमसेनिरवधीन्मुष्टिना भृशम्॥ २४॥
अनुवाद
तत्पश्चात् भीमसेन के पुत्र घटोत्कच ने शत्रु समूहों का नाश करने वाली अंगूठी के समान अपनी मोटी भुजा की मुट्ठी से जटासुर के पुत्र को मार डाला॥24॥
After that, Ghatotkacha, the son of Bhimsen, with the fist of his thick arm like the ring which destroys the enemy groups, killed the son of Jatasur. 24॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥