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mahabharat 7.174.16: हे भरत! उसके द्वारा भगाये गये पाण्डव सैनिक उस अन्धकारमय रात्रि में वायु से उड़ाये हुए बादलों के समान चारों ओर बिखर गये।   |   mahabharat अध्याय 7.174: घटोत्कच और जटासुरके पुत्र अलम्बुषका घोर युद्ध तथा अलम्बुषका वध   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 174: घटोत्कच और जटासुरके पुत्र अलम्बुषका घोर युद्ध तथा अलम्बुषका वध  »  श्लोक 16
 
 
श्लोक  7.174.16 
तेन विद्राव्यमाणानि पाण्डुसैन्यानि भारत।
निशीथे विप्रकीर्यन्ते वातनुन्ना घना इव॥ १६॥
 
 
अनुवाद
हे भरत! उसके द्वारा भगाये गये पाण्डव सैनिक उस अन्धकारमय रात्रि में वायु से उड़ाये हुए बादलों के समान चारों ओर बिखर गये।
 
O Bharata! The Pandava soldiers who were chased away by him were scattered all around in that dark night like clouds blown by the wind.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)