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mahabharat 7.173.9: दूसरी ओर, महाबली कर्ण ने सिंह की गर्जना के साथ अपने धनुष की टंकार की और जोर से शंख बजाया।   |   mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 9
 
 
श्लोक  7.173.9 
कर्णस्तु सुमहातेजा: सिंहनादविमिश्रितम्।
धनु:शब्दं महच्चक्रे दध्मौ तारेण चाम्बुजम्॥ ९॥
 
 
अनुवाद
दूसरी ओर, महाबली कर्ण ने सिंह की गर्जना के साथ अपने धनुष की टंकार की और जोर से शंख बजाया।
 
On the other hand, the mighty Karna, along with the roar of a lion, emitted the loud twang of his bow and also blew his conch shell loudly.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)