श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 64
 
 
श्लोक  7.173.64 
अद्य दास्यामि संग्रामं सूतपुत्राय तं निशि।
यं जना: सम्प्रवक्ष्यन्ति यावद् भूमिर्धरिष्यति॥ ६४॥
 
 
अनुवाद
आज इसी रात्रि में मैं सारथिपुत्र कर्ण के साथ ऐसा युद्ध करूँगा कि जब तक यह पृथ्वी रहेगी, लोग उसकी चर्चा करते रहेंगे ॥ 64॥
 
Today, in this night, I will fight such a battle with Karna, the son of a charioteer, that people will keep talking about it as long as this earth exists. ॥ 64॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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