श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 61
 
 
श्लोक  7.173.61 
तद्भवान् यातु कर्णेन द्वैरथं युध्यतां निशि।
सात्यकि: पृष्ठगोपस्ते भविष्यति महारथ:॥ ६१॥
 
 
अनुवाद
अतः तुम्हें इसी रात्रि में कर्ण के साथ द्वन्द्वयुद्ध करना चाहिए और महारथी सात्यकि तुम्हारे पीछे रक्षक होंगे।
 
Therefore you should fight a duel with Karna in this night and the great warrior Satyaki will be your rear guard.
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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