Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 7.173.6: अपने घोड़ों और सारथि के मारे जाने पर रथहीन धृष्टद्युम्न ने एक भयंकर परिघ उठाया और उससे कर्ण के घोड़ों को कुचल डाला।   |   mahabharat अध्याय 7.173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना   ।   mahabharat पर्व 7: द्रोण पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 6
 
 
श्लोक  7.173.6 
धृष्टद्युम्नस्तु विरथो हताश्वो हतसारथि:।
गृहीत्वा परिघं घोरं कर्णस्याश्वानपीपिषत्॥ ६॥
 
 
अनुवाद
अपने घोड़ों और सारथि के मारे जाने पर रथहीन धृष्टद्युम्न ने एक भयंकर परिघ उठाया और उससे कर्ण के घोड़ों को कुचल डाला।
 
After his horses and charioteer were killed, Dhrishtadyumna, left chariotless, picked up a terrible Parigha and crushed Karna's horses with it.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)