श्री महाभारत  »  पर्व 7: द्रोण पर्व  »  अध्याय 173: कर्णद्वारा धृष्टद्युम्न एवं पांचालोंकी पराजय, युधिष्ठिरकी घबराहट तथा श्रीकृष्ण और अर्जुनका घटोत्कचको प्रोत्साहन देकर कर्णके साथ युद्धके लिये भेजना  »  श्लोक 59
 
 
श्लोक  7.173.59 
संजय उवाच
केशवस्य वच: श्रुत्वा बीभत्सुरपि राक्षसम्।
अभ्यभाषत कौरव्य घटोत्कचमरिंदमम्॥ ५९॥
 
 
अनुवाद
संजय कहते हैं: हे कौरवों के राजा! भगवान श्रीकृष्ण के ये वचन सुनकर अर्जुन ने भी शत्रुओं का दमन करने वाले घटोत्कच से कहा-॥ 59॥
 
Sanjaya says: O King of Kurus! On hearing these words of Lord Krishna, Arjuna also said to Ghatotkacha, the suppressor of enemies, -॥ 59॥
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  हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
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